"असम" सन 1979 से अवैध बंग्लादेशी घूसपैठिये के समस्या से लगातार जुझ रहा है। और यह घटने के बजाय विकराल रूप लेता जा रहा रहा है। बंगलादेश की खुफिया पुलिस डीजीएफआई और आईएसाअई ने सन्युक्त रणनीति के तहत बंगलादेश के लोगो को सीमा पार करा कर और दलालो के माध्यम से नागरिकता दिलवाकर असम की सामाजिक ताना बुना को नष्ट कर दिया है।
पिछले कुछ साल से असम के छात्र ,राजनीतिक और सामाजिक संगठन इसके विरुद्ध एकजुट हो रहे हैं, और यहा पर रह रहे घूसपैठिये का विरोध कर रहे है। हाल ही मे असम, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और नागालैण्ड के छात्रसंघ ने इन्हे भारत छोडने की धमकी दे रखी थी। शुरुआती दौर मे इसे मह्त्त्व नही दिया गया लेकिन बाद में यह जोड पकडने लगा। इसी कडी मे अवैध बंग्लादेशी घूसपैठिये के द्वारा अगस्त के अंत मे बंद रखा गया। बन्द का व्यापक असर देखने को मिला। बन्द के दौरान जमकर हिंसा और तोड फोड की गयी जिसमे 8 असामी मारे गए। हिंसा का दौर 15 दिनो तक चलता रहा।
अब पुन: बंग्लादेशी घूसपैठिये के द्वारा हिन्दू बहुल आदिवासी बोडो, राभा, गारो, खैसा और संथाल निशाने पे हैं। असम के उदलगुड़ी और दराग जिलों में हिंसा की कई ताजे मामले सामने आ रहे हैं। अभी तक अप्रवासी अवैध बांग्लादेशियों और स्थानीय आदिवासियों के बीच संघर्ष में 52 लोग मारे गए। 12 गांवो को आग के हवाले कर दिया गया । आग के हवाले किए गए गांव के नाम है, इकरबारी, बतबारी, फकिदिया, नदीका, चकुपारा, पुनिया, झारगांव, गेरुआ, बोरबगिचा,ऐतनबारी,रौत्ताबगन और सिदकुरना। हैरान करने वाली बात तो यह है की असम के दारंग जिले की 40 प्रतिशत आबादी बंग्लादेशियो की है।
एक अनुमान के अनुसार करीब 15 लाख अवैध बंगला देशी भारत मे रह रहे है। जिनमे 8 लाख पश्चिम बंगाल मे,5 लाख पचास हजार असम मे, और 1 लाख बिहार और झारखण्ड मे( कटिहार ,साहेबगंज, और किशनगंज )। असम के पुर्ब राज्यपाल एस के सिन्हा के अनुसार असम के 40 विधान सभा सीटो पर इसी तरह के मतदाताओ का प्रभुत्व रहा हैं।
एक खबर जो इन सारे घटनाक्रमों से निकल कर आ रही है, की अप्रवासी अवैध बंगलादेशी असम में पाकिस्तानी झंडे फ़हरा रहे है। अगर यह बात सही है तो कांग्रेस के लिए यह एक शर्मनाक बात होगी। असम मे कांग्रेस की सरकार है, अब देखना यह है की मुख्यमंत्री तरुण गोगोई इस संकट से कैसे बाहर निकलते हैं। कांग्रेस असम को दूसरा कश्मीर न बनने दे। कांग्रेस को असम में तुष्टीकरण की नीत्ति छोरनी परेगी। वर्ना आने वाले पीड़ी को हम एक और संकट वारिश में दे जायेंगे।
Advertise With Us
1 year ago
